🧠 तत्वज्ञान (Philosophy & Metaphysics)
जैन धर्म का 'बाइबल' मानने योग्य प्रथम संस्कृत सूत्र ग्रंथ। इसमें १० अध्यायों में जीवादि ७ तत्वों और मोक्ष मार्ग का अद्भुत सार संग्रह है।
अध्यात्म का शिखर। इसमें शुद्ध आत्मा (समय) का निरूपण है। यह बताता है कि आत्मा पुद्गल कर्मों से भिन्न, ज्ञाता-दृष्टा स्वभाव वाली है।
इसमें ज्ञान (केवली ज्ञान) और ज्ञेय (द्रव्य-गुण-पर्याय) का विस्तृत वर्णन है। यह जैन तत्वमीमांसा का प्रमुख ग्रंथ है।
मोक्ष मार्ग में 'नियम' (अवश्य कर्तव्य) रूप में सम्यक दर्शन, ज्ञान, चारित्र का वर्णन। इसमें निश्चय प्रतिक्रमण का स्वरुप बताया है।
लोक को बनाने वाले ५ अस्तिकायों (जीव, पुद्गल, धर्म, अधर्म, आकाश) और काल द्रव्य का विवेचन।
तर्कशास्त्र और अनेकांतवाद का महान ग्रंथ। इसमें नयों (Nayas) के माध्यम से वस्तु के स्वरूप को सिद्ध किया गया है।
देवागम स्तोत्र। इसमें सच्चे देव (सर्वज्ञ) की परीक्षा और स्याद्वाद (सप्तभंगी) सिद्धांत की स्थापना की गई है।
छह द्रव्य, पाँच अस्तिकाय और सात तत्वों का संक्षिप्त और सरल प्राकृत विवेचन। नए जिज्ञासुओं के लिए अत्यंत उपयोगी।
⚖️ चारित्र (Conduct & Ethics)
गृहस्थ धर्म (श्रावकाचार) का प्रामाणिक ग्रंथ। इसमें सम्यक दर्शन और १२ व्रतों (अणुव्रत आदि) का व्यवस्थित वर्णन है।
अहिंसा का वैज्ञानिक विवेचन। इसमें बताया है कि 'आत्मा में राग-द्वेष की उत्पत्ति ही हिंसा है'।
अंत समय में समाधिमरण (सल्लेखना) की विधि और मुनि आचार का विस्तृत वर्णन (लगभग २१०० गाथाएं)।
श्रावक धर्म का विश्वकोश। इसमें ११ प्रतिमाओं और गृहस्थ जीवन के नियमों का विस्तार है।
📖 प्रथमानुयोग (Puranas & Stories)
प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान और भरत-बाहुबली का जीवन चरित्र। यह भारतीय संस्कृति का एक महाकाव्य है।
शेष २३ तीर्थंकरों, शलाका पुरुषों, राम, कृष्ण आदि का जीवन परिचय। आदिपुराण का पूरक ग्रंथ।
जैन परंपरा के अनुसार राम, रावण और हनुमान का वास्तविक चरित्र। इसमें रावण को प्रति-नारायण बताया गया है।
२२वें तीर्थंकर नेमिनाथ और उनके चचेरे भाई कृष्ण-बलराम (हरिवंश) का विस्तृत ऐतिहासिक वर्णन।